भारत की राजधानी दिल्‍ली का इतिहास – History of India’s Capital Delhi in Hindi

By | January 20, 2021
भारत की राजधानी दिल्_ली का इतिहास - History of India's Capital Delhi in Hindi

दिल्‍ली (Delhi) भारत का एक केंद्र-शासित प्रदेश और महानगर है। दिल्‍ली (Delhi) प्रदेश की राजधानी नई दिल्‍ली (New Delhi) है, लेकिन हमेशा से दिल्‍ली (Delhi) भारत की राजधानी नहीं थी, दिल्‍ली का इतिहास बहुत पुराना है, आईये जानते हैं – भारत की राजधानी दिल्‍ली का इतिहास – Bharat Ki Rajdhani Delhi Ka Itihas

भारत की राजधानी दिल्‍ली का इतिहास


भारत की राजधानी, दिल्ली की सशक्त ऐतिहासिक पृष्ठभूमि रही है। यहां भारतीय इतिहास के कुछ सर्वाधिक शक्तिशाली सम्राटों ने शासन किया था।

शहर का इतिहास महाभारत के जितना ही पुराना है। इस शहर को इंद्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था, जहां कभी पांडव रहे थे।

महाभारत काल मेें यानि 1450 ईसा पूर्व दिल्‍ली का नाम इंद्रप्रस्थ (Indraprastha) था, यह पांडवों की राजधानी थी।

समय के साथ-साथ इंद्रप्रस्थ के आसपास आठ शहर : लाल कोट, दीनपनाह, किला राय पिथौरा, फिरोज़ाबाद, जहांपनाह, तुगलकाबाद और शाहजहानाबाद बसते रहे।

1679 से 1857 तक मुगल साम्राज्य की राजधानी रही। दिल्‍ली के लाल किले का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहॉ ने बनवाया था, मुगल शासक बहादुर शाह जफर लाल किले पर राज करने वाला अंतिम मुगल शासक था

इसके बाद १८वीं एवं १९वीं शताब्दी में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने लगभग पूरे भारत को अपने कब्जे में ले लिया और भारत की राजधानी कोलकाता को बनाया गया

लेकिन 12 दिसंबर 1911 को ब्रिटेन के किंग जॉर्ज पंचम ने दिल्ली दरबार में दिल्ली को भारत की राजधानी बनाने की घोषणा की

ब्रिटिश आर्किटेक्ट सर हरबर्ट बेकर और सर एडविन लुटियंस ने दिल्‍ली में भवनों का निर्माण किया, जिसमें संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक

इस प्रकार पुरानी दिल्‍ली में एक नया नगर नई दिल्ली बसाया गया, यह लगभग 20 वर्ष में तैयार हुआ ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड इर्विन द्वारा 13 फ़रवरी 1931 को नई दिल्ली का उद्घाटन किया

आज दिल्‍ली उत्‍तर भारत का सबसे बडा व्‍यावसायिक केंद्र है

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