प्रस्तुत पुस्तक में यह संदेश भी छिपा है की कर्मों का फल प्रत्येक को भोगना पड़ता है, वह भले ही श्रीराम के पिता दशरत ही क्यों न हों| इस पुस्तक में श्रवण की मृत्यु के बारे में भी बताया गया है|
| Book Name | श्रवण कुमार | Shravan Kumar |
| Author | Radhe Shyam Kathavachak |
| Category | Novels, Hindi Books |
| Book Language | हिंदी | Hindi |
| Pages | 169 |
| Country | India |
| Book Size | 15 MB |
प्रस्तुत पुस्तक में यह संदेश भी छिपा है की कर्मों का फल प्रत्येक को भोगना पड़ता है, वह भले ही श्रीराम के पिता दशरत ही क्यों न हों| इस पुस्तक में श्रवण की मृत्यु के बारे में भी बताया गया है|