‘जहाज का पक्षी’ पुस्तक में एक ऐसे मध्यवर्गीय युवक की परिस्थिति जीवन की कहानी है, जो कलकत्ता के विषमताजनित घेरे में फँसकर इधर-उधर भटकने को विवश हो जाता है, किन्तु उसकी बौद्धिक चेतना उसे रह-रह कर नित-नूतन पथ अपनाने को प्रेरित करती है।
| Book Name | जहाज का पंछी | Jahaj Ka Panchhi |
| Author | Ilachandra Joshi |
| Category | Novels, Hindi Books |
| Book Language | हिंदी | Hindi |
| Publisher | Rajkamal Prakashan |
| Pages | 373 |
| Country | India |
| Book Size | 94 MB |
‘जहाज का पक्षी’ पुस्तक में एक ऐसे मध्यवर्गीय युवक की परिस्थिति जीवन की कहानी है, जो कलकत्ता के विषमताजनित घेरे में फँसकर इधर-उधर भटकने को विवश हो जाता है, किन्तु उसकी बौद्धिक चेतना उसे रह-रह कर नित-नूतन पथ अपनाने को प्रेरित करती है।